विदेश

काला सागर में बढ़ा तनाव: यूक्रेनी ड्रोन अटैक पर तुर्की की सख्त प्रतिक्रिया—रूसी टैंकर निशाने पर

तुर्की 
तुर्की सरकार ने काला सागर में रूसी शैडो फ्लीट के दो तेल टैंकरों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। तुर्की विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओंकू केसेली ने कहा कि केरोस (Koeros) और विराट (Virat) नामक जहाजों पर हुए हमले तुर्की के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) के अंदर हुए थे। इन हमलों से क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा, मानव जीवन, संपत्ति और पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट में केसेली ने लिखा कि तुर्की यूक्रेन युद्ध को काला सागर के पार फैलने से रोकने और अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी संबंधित पक्षों से लगातार संपर्क और बातचीत कर रहा है।
 
ओपनसैंक्शंस डेटाबेस (जो प्रतिबंधों से बचने वाले व्यक्तियों और संगठनों पर नजर रखता है) के अनुसार, ये दोनों जहाज़ उस शैडो फ्लीट का हिस्सा हैं जिसका उपयोग 2022 में रूस के यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण के बाद लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए किया जा रहा है। तुर्की के समुद्री मामलों के महानिदेशालय ने बताया कि शुक्रवार रात तुर्की तट से लगभग 28 समुद्री मील दूर नोवोरोसिस्क (रूस) की ओर जा रहा खाली केरोस टैंकर अचानक बाहरी आघात के कारण जल उठा। जहाज पर सवार सभी 25 क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और बचाव दल उन्हें वापस लाने की तैयारी कर रहे हैं।

तुर्की के यातायात एवं आधारभूत संरचना मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट किया कि जहाज पर सवार सभी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। यह जहाज मिस्र से रूस की ओर जा रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो जहाज डूब सकता है। दूसरे जहाज विराट के बारे में महानिदेशालय ने कहा कि टैंकर विराट का चालक दल ने सूचना दी कि तुर्की तट से करीब 35 समुद्री मील दूर जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इंजन रूम में भारी धुआं भर गया था। बचाव दल और एक व्यापारी जहाज को मौके पर रवाना कर दिया गया है। विराट के 20 क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

गौरतलब है कि यूक्रेन ने स्वीकार किया है कि उसने शुक्रवार दोपहर तुर्की के काला सागर तट के निकट इन दोनों टैंकरों पर लगातार हमले के लिए अपने सर्फेस नौसैनिक ड्रोन का इस्तेमाल किया था। बता दें कि यूक्रेन ने युद्ध के दौरान रूसी नौसेना के जहाजों पर कई सफल ड्रोन हमले किए हैं, खासकर विस्फोटक से लदे समुद्री ड्रोनों के जरिए। हालांकि अब तक यूक्रेनी अभियान मुख्य रूप से उत्तरी काला सागर तक ही सीमित रहे थे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button